Osho

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    तुम जमीन से ऊपर हवा में उठ सकते हो- ओशो / विज्ञान भैरव तंत्र-12

    जब किसी बिस्तर या आसमान पर हो तो अपने को वजनशून्य हो जाने दो—मन के पार। तुम यहां बैठे हो; बस भाव करो कि तुम...

    शिथिल होने की दूसरी विधि-विज्ञान भैरव तन्त्र-11

    जब चींटी के रेंगने की अनुभूति हो तो इंद्रियों के द्वार बंद कर दो। तब। यह बहुत सरल दिखता है। लेकिन उतना सरल है नहीं।...

    शिथिल होने की विधि -1, विज्ञान भैरव तन्त्र -10

    प्रिय देवी, प्रेम किए जाने के क्षण में प्रेम में ऐसे प्रवेश करो जैसे कि वह नित्य जीवन हो। शिव प्रेम से शुरू करते है।...

    आत्यंतिक भक्ति पूर्वक श्वास के दो संधि-स्थलों पर केंद्रित होकर ज्ञाता को जान लो-विज्ञान...

    आत्यंतिक भक्ति पूर्वक श्वास के दो संधि-स्थलों पर केंद्रित होकर ज्ञाता को जान लो। इन विधियों के बीच जरा-जरा से है, तो भी तुम्हारे लिए...

    स्वप्न और मृत्यु पर अधिकार – विज्ञान भैरव तन्त्र – 7

    ललाट के मध्य में सूक्ष्म श्वास (प्राण) को टिकाओ। जब वह सोने के क्षण में ह्रदय तक पहुंचेगा तब स्वप्न और स्वयं मृत्यु पर...

    अवधान को दो श्वासों के बीच टिकाओ – विज्ञान भैरव तन्त्र  6

    सांसरिक कामों में लगे हुए, अवधान को दो श्वासों के बीच टिकाओ। इस अभ्यास से थोड़े ही दिन में नया जन्म होगा। "सांसरिक कामों में...

    तीसरी आँख को खोलने की विधि… विज्ञान भैरव तन्त्र -5

    भृकुटियों के बीच अवधान को स्थिर कर विचार को मन के सामने करो। फिर सहस्‍त्रार तक रूप को श्वास-तत्व से, प्राण से भरने दो।...

    विज्ञान भैरव तन्त्र – 4

    जब श्वास पूरी तरह बाहर गई है और स्वय: ठहरी है, या पूरी तरह भीतर आई है और ठहरी है—ऐसे जागतिक विराम के क्षण...

    विज्ञान भैरव तंत्र – 03

    जब कभी अंत: श्वास और बहिर्श्वास एक दूसरे में विलीन होती है, उस क्षण में ऊर्जारहित, ऊर्जापूरित केंद्र को स्पर्श करो। हम केंद्र और परिधि...

    विज्ञान भैरव तंत्र – 02

    जब श्वास नीचे से ऊपर की और मुड़ती है, और फिर जब श्वास ऊपर से नीचे की और मुड़ती है—इन दो मोड़ों के द्वारा...

    विज्ञान भैरव तंत्र – 01

    विज्ञान भैरव तंत्र का जगत बौद्धिक नहीं है। वह दार्शनिक भी नहीं है। तंत्र शब्द का अर्थ है। विधि, उपाय, मार्ग। इसलिए यह एक...

    विज्ञान भैरव तंत्र – प्रवचन

    शिव कहते है: हे देवी, यह अनुभव दो श्वासों के बीच घटित हो सकता है। श्वास के भीतर आने के पश्चात और बाहर लौटने के ठीक...

    पढ़िए, ध्यान की एक अनूठी विधि – विज्ञान भैरव तन्त्र -9

    मृतवत लेटे रहो। क्रोध में क्षुब्ध होकर उसमे ठहरे रहो। या पुतलियों को घुमाएं बिना एकटक घूरते रहो। या कुछ चुसो और चूसना बन...