घर बैठे प्राकृतिक चिकित्सा प्राप्त करें !

क्या आप जीवन से निराश हो चुके हैं ?

समझ बैठे हैं कि आपका रोग जाने को नहीं !

तो

प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लीजिये 

प्राचीन काल से ही महत्तत्व एवं पंच महाभूतों -पृथ्वी,जल,अग्नि,वायु एवं आकाश तत्व की महत्ता को स्वीकारा है। महत्तत्व अथवा राम नाम तत्व प्राकृतिक चिकित्सा का मूलाधार है । प्राकृतिक चिकित्सा के साधनों – आकाश,वायु,अग्नि,जल तथा पृथ्वी में से प्रत्येक साधन की शक्ति स्रोत राम नाम ही है अर्थात सर्व शक्तिमान राम नाम से ही पंच तत्वों को रोग निवारण की शक्ति की प्राप्ति होती है ।

हमारा शरीर इन्ही पंचतत्वों से निर्मित है प्रकृति के नियमों की अवहेलना एवं अप्राकृतिक खान-पान से हमारा शरीर रोगग्रस्त हो रहा। प्रकृति का नियम है कि -प्रकृति ने जो वस्तु जिस रूप में दी है उसे उसका रूप बिगाडे़ बिना प्रयोग किया जाए। परन्तु आज के इस आपाधापी के युग में ऐसा सम्भव नहीं हो पाता परिणामस्वरूप व्यक्ति रोगी हो जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा रोग को दबाती नही बल्कि यह समस्त आधि-व्याधियों एवं साध्य-असाध्य रोगों को जड़-मूल से मिटा सकती है। अन्य चिकित्सा विधियों से तो सिर्फ रोगो की आक्रामकता को कुछ समय के लिए रोका/दबाया जा सकता है, परन्तु समस्त रोगों का उपचार तो प्रकृति ही करती है।

प्राकृतिक चिकित्सा एक चिकित्सा पद्धति ही नही बल्कि जीवन जीने की कला भी है जो हमें आहार,निद्रा,सूर्य का प्रकाश, स्वच्छ पेयजल, विशुद्ध हवा,सकारात्मकता एवं योगविज्ञान का समुचित ज्ञान कराती है।

प्राकृतिक चिकित्सा क्यों ?

प्राकृतिक चिकित्सा मानती है कि सभी रोग एक हैं, सबके कारण एक हैं और उनकी चिकित्सा भी एक है।

रोगों का कारण है अप्राकृतिक खान-पान, अनियमित दिनचर्या एवं दूषित वातावरण | इन सब के चलते शरीर में विष की मात्रा [ विजातीय द्रव्य ] बढ़ जाती है। जब यह विष किसी अंग विशेष या पूरे शरीर पर ही अपना प्रभुत्व जमा लेता है तब रोग लक्षण प्रगट होते हैं इन रोग लक्षणों को औषधियों से दबाना कदापि उचित नहीं हैं बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा विकसित वैज्ञानिक उपचारों के सहयोग से शरीर के प्रमुख मल निष्कासक अंग -त्वचा, बड़ी आंत, फेफडे़ एवं गुर्दों के माध्यम से विजातीय द्रव्यों को बाहर निकालना उचित है तभी हम सम्पूर्ण निरोगता की ओर अग्रसर हो सकेंगे।

अब आप घर बैठे चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकते हैं, हम आपको एक माह का चिकित्सा क्रम भेजेंगे और साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा की विधियों से भी अवगत करायेंगें ताकि आप घर में ही आसानी से प्राकृतिक चिकित्सा कर सकें ।

15 दिन का चिकित्सा शुल्क 1000 रु होगा जिसे आप भारत में कहीं भी निम्न बैंक खाता नं. पर जमा करा सकते हैं । चैक स्वीकार नहीं।

पंजाब नेशनल बैंक खाता संख्या  – 0463000400204157                                                                                                                  

शाखा – वृन्दावन,मथुरा                                                                                                                                                                          

 IFS CODE : PUNB0046300

 

ICICI बैंक खाता संख्या –  101701501400                                                                                                                                        

 शाखा – वृन्दावन,मथुरा                                                                                                                                                                          

 IFS CODE : ICIC0001017


 

कृपया चिकित्सा शुल्क जमा करने के पश्चात् आप इसकी सूचना मोबा- 9760897937 पर दें । सूचना मिलते ही हम आपको चिकित्सा क्रम भेज देंगे ।

निम्न प्रपत्र को भरकर भेजें :